Posts

Sources

References - Philosophy of Religion, Theory of Evolution, Concept of God, Polytheism, Monotheism, Pantheism, अद्वैत वेदान्त 1.      भारतीय दर्शन की रूपरेखा - By Prof. Harendra Prasad Sinha, Department of Philosophy, Magadh Univeristy, Bodhgaya 2.      https://www.youtube.com/watch?v=vCEDptvB5Q4 - What is Philosophy? - By Dr. Vikas Divyakirti 3.      https://www.youtube.com/watch?v=J4sYkNBErpU - भारतीय दर्शन एक परिचय , By Dr. Vikas Divyakirti 4.      https://www.pantheist.net/what-is-pantheism.html ~ Pantheism 5.      https://www.youtube.com/watch?v=cn31lDOq_P0 ~ अद्वैत वेदान्त 6.      https://theconversation.com/why-psychology-lost-its-soul-everything-comes-from-the-brain ~ Brain is the soul 7.      https://en.wikipedia.org/wiki/God 8.      https://www.abc.net.au/religion/who-invented-the-idea-that-man-made-god/10101104...
Image
   1.  धर्म और परमात्मा का इतिहास उतना पुराना नहीं है जितना हमें लगता है। 500  साल पहले गुरुनानक आए ,  उससे पहले सिख धर्म नहीं था।     1400  साल पहले मोहम्मद साहब आए ,  उससे पहले इस्लाम नहीं था।   2000  साल पहले ईसा मसीह आए ,  उससे पहले ईसाई धर्म नहीं था।      2500  साल पहले महात्मा बुद्ध आए ,  उससे पहले बुद्ध धर्म नहीं था।     2600  साल पहले महावीर आए ,  उससे पहले जैन धर्म नहीं था।     4000  साल पहले अब्राहम आए ,  उन्होंने यहूदी धर्म की नींव रखी। उससे पहले यहूदी धर्म भी नहीं था।   2.  अर्थात आज से  4000  साल पहले ,  ना कोई यहूदी था ,  ना कोई बौद्ध था ,  ना कोई जैन था ,  ना कोई ईसाई था ,  ना कोई मुसलमान था ,  ना ही कोई सिख था।     उससे पहले  श्रीकृष्ण  भी लगभग  5000  साल पहले आए यानि  श्रीमद्भगवद्गीता  गीता  भी पाँच हजार साल से अधिक पुरानी नहीं है। इसी प्रकार  श्रीर...
Image
  For English - Click here परमात्मा: एक परिकल्पना   1.   परि कल्पनाएं कैसे बनती हैं ? डायनासोर धरती पर हुआ करते थे। फिर समाप्त हो गए। कैसे समाप्त हुए , इस बात को लेकर 140 परिकल्पनाएं हुई , यानि अनुमान लगाए गए। किसी ने कहा , भूकंप आए ; किसी ने कहा तापमान बढ़ गया था ; तो जो परिकल्पना या थ्योरी लोगों को अच्छी लगी , लोगों ने मान ली।   हालांकि थी वह एक परिकल्पना ही।   सत्य नहीं था क्योंकि सत्य   को   पीछे जा कर देखा नहीं जा सकता।   2.   परमात्मा की परिकल्पना क्यों और कैसे  ?  इसी तरीके से , यह सृष्टि कैसे बनी , सूरज चांद सितारे कहां से आए , इस सवाल का उत्तर खोजने के लिए भी हज़ारों वर्षों से समय-समय पर बुद्धिमान और विद्वान लोगों ने बहुत जोर लगाया। बहुत अनुमान लगाए और उसके पक्ष में तर्क दिए। किसी ने कहा कि , बिग बैंग   (Big Bang)   हुआ - एक बहुत बड़ा पटाखा फूटा और यह सृष्टि बन गई। किसी ने कहा कि एक अदृश्य शक्ति है  परमात्मा , जिसने अपनी हथेली पर कुछ मिट्टी रखकर फूंक मारी और फूंक मारने से जो मिट्टी उड़ी...